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Editorial

कलिकाल का तारक महामन्त्र

इसे ‘तारकब्रह्म’ भी कहते हैं क्योंकि यह मन्त्र परब्रह्म का वह रूप है जिसके जपने मात्र से ही मनुष्य संसार-सागर से पार हो जाता है।

श्रीगणेशगीता : एक परिचय

श्रीगणेशगीता के ४१४ श्लोक दिखलाते हैं मुक्ति का मार्ग

विश्व-रंगमंच के सूत्रधार श्रीकृष्ण

गांधारी की तेजदृष्टि से वज्र-सी देह होने पर भी क्यों मारा गया दुर्योधन?